अंडर-19 एशिया कप 2025 फाइनल के दौरान मैदान पर तनावपूर्ण माहौल
अंडर-19 एशिया कप 2025 का फाइनल मुकाबला क्रिकेट इतिहास में सिर्फ नतीजे के लिए नहीं, बल्कि अपने विवादों और मैदान पर दिखे तनाव के लिए याद रखा जाएगा। भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबलों में तनाव कोई नई बात नहीं है, लेकिन जूनियर स्तर पर इस तरह का माहौल बन जाना क्रिकेट जगत के लिए वाकई चौंकाने वाला रहा।
मैदान पर क्यों बिगड़ा माहौल?
फाइनल मुकाबले के दौरान कई मौकों पर दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विकेट गिरने के बाद जश्न मनाने के तरीके, खिलाड़ियों की बॉडी लैंग्वेज और शब्दों का आदान-प्रदान यह साफ दिखा रहा था कि यह मैच सिर्फ बल्ले और गेंद तक सीमित नहीं रह गया था।
पाकिस्तान की ऐतिहासिक जीत
पाकिस्तान ने इस फाइनल में भारत को 191 रनों के बड़े अंतर से हराकर इतिहास रच दिया। किसी भी फाइनल मुकाबले में इतनी बड़ी जीत असाधारण मानी जाती है।
पाकिस्तानी गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजी को पूरी तरह दबाव में रखा और भारतीय टीम लक्ष्य के आसपास भी नहीं पहुंच सकी।
लेकिन जैसे-जैसे मैच खत्म हुआ, यह साफ हो गया कि यह फाइनल स्कोरकार्ड से ज्यादा विवादों के कारण चर्चा में रहेगा।
हैंडशेक न होना और बढ़ता विवाद
मैच के बाद सबसे ज्यादा चर्चा में रहा खिलाड़ियों का व्यवहार।
- मैच से पहले और बाद में हाथ न मिलाना
- मैदान पर लगातार आक्रामक शब्दों का प्रयोग
- जरूरत से ज्यादा उग्र जश्न
इन सबने अंडर-19 जैसे स्तर पर खेल भावना पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
PCB का कड़ा रुख और ICC तक जाने के संकेत
Pakistan Cricket Board ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। PCB अध्यक्ष Mohsin Naqvi ने संकेत दिए कि यह मामला International Cricket Council तक ले जाया जा सकता है।
प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ की ओर से आयोजित एक स्वागत समारोह में मोहसिन नकवी ने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों की ओर से उकसाने वाला व्यवहार देखने को मिला, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
उनका साफ कहना था कि:
- क्रिकेट को राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए
- मैदान पर खेल भावना सर्वोपरि होनी चाहिए
- जूनियर स्तर का व्यवहार भविष्य के क्रिकेट को दिशा देता है
सरफराज अहमद का बयान
पाकिस्तान टीम के मेंटर और पूर्व कप्तान Sarfaraz Ahmed ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि जीत-हार खेल का हिस्सा है, लेकिन सम्मान बनाए रखना उससे भी ज्यादा जरूरी है।
किन खिलाड़ियों के बीच हुआ विवाद?
इस फाइनल में खासतौर पर दो भारतीय खिलाड़ी चर्चा में रहे:
- वैभव सूर्यवंशी
- आयुष महात्रे
आयुष महात्रे को पाकिस्तानी तेज गेंदबाज अली रजा ने आउट किया। विकेट लेने के बाद अली रजा के आक्रामक जश्न पर आयुष भड़क गए, जिसके बाद दोनों के बीच तीखी बहस हुई। अंपायरों को बीच में आकर मामला शांत कराना पड़ा।
इसके बाद वैभव सूर्यवंशी के विकेट पर भी आक्रामक जश्न देखने को मिला, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
ICC नियम क्या कहते हैं?
अगर PCB औपचारिक शिकायत दर्ज करता है, तो ICC पूरे मामले की समीक्षा करेगी।
हालांकि कार्रवाई का आधार मैच रेफरी की रिपोर्ट होगी। अगर रिपोर्ट में गंभीर अनुशासनहीनता दर्ज नहीं है, तो आमतौर पर:
- चेतावनी
- या हल्की सज़ा
जैसे कदम उठाए जाते हैं, ताकि युवा खिलाड़ियों का करियर शुरुआत में ही विवादों में न फंसे।
सबसे बड़ा सवाल क्या है?
इस पूरे विवाद ने कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं:
- क्या जूनियर खिलाड़ियों को मानसिक रूप से बड़े मुकाबलों के लिए तैयार किया जा रहा है?
- क्या कोचिंग स्टाफ खिलाड़ियों को मैदान पर व्यवहार की भी सही ट्रेनिंग दे रहा है?
- क्या भारत-पाकिस्तान की प्रतिद्वंदिता का दबाव अब पूरी तरह जूनियर क्रिकेट तक उतर आया है?
निष्कर्ष
अंडर-19 एशिया कप 2025 का फाइनल पाकिस्तान की बड़ी जीत के साथ-साथ एक बड़ा सबक भी दे गया।
क्रिकेट में प्रतिद्वंदिता जरूरी है, लेकिन खेल भावना उससे कहीं ज्यादा जरूरी।
अगर जूनियर स्तर पर ही सीमाएं तय नहीं की गईं, तो भविष्य में ऐसे विवाद और भी बड़े रूप में सामने आ सकते हैं।