यूपी विधानसभा में सीएम योगी आदित्यनाथ का विपक्ष और बांग्लादेश पर तीखा हमला
उत्तर प्रदेश विधानसभा में आज माहौल पूरी तरह गर्म था। सदन में जब योगी आदित्यनाथ खड़े हुए, तो विपक्ष के लिए बैठना भी मुश्किल हो गया। माफिया, दंगे और बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार—तीनों मुद्दों पर सीएम योगी ने एक के बाद एक ऐसे बयान दिए, जो अब सियासत से निकलकर जनता के बीच चर्चा का विषय बन चुके हैं।
पूरे सदन में सिर्फ एक ही आवाज गूंज रही थी—योगी की आवाज। विपक्ष के हर आरोप का जवाब, तीखे शब्दों में और पूरी तैयारी के साथ।
🔥 पहला बयान: माफिया और बुलडोजर पर दो टूक संदेश
सीएम योगी ने साफ कहा कि सरकार भजन करने नहीं बैठी है। अगर कोई माफिया या अवैध कब्जाधारी सरकारी या आबादी की जमीन पर कब्जा करेगा, मॉल या वसूली का अड्डा बनाएगा, तो उस पर बुलडोजर चलेगा ही।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार गरीबों को मालिकाना हक दे रही है—जमीन महिला सदस्य के नाम पर दर्ज होगी, ताकि वह बैंक से कर्ज भी ले सके। लेकिन इसी जमीन का दुरुपयोग करने वालों के लिए सरकार के पास इलाज तैयार है।
योगी ने भर्ती घोटालों और नकल माफिया पर भी हमला बोला और कहा कि जैसे माफिया की कमर तोड़ी गई, वैसे ही नकल माफिया की भी कमर तोड़ी जाएगी।
🔥 दूसरा बयान: दंगे और “नया यूपी”
दंगों को लेकर सीएम योगी ने कहा—
“अब यूपी में सब चंगा है। अगर यकीन नहीं तो बरेली के मौलाना से पूछ लो कि दंगे का इलाज क्या होता है।”
उन्होंने विपक्ष पर जाति, भाषा और क्षेत्र के नाम पर समाज को बांटने का आरोप लगाया और कहा कि पहले यूपी की पहचान दंगे, माफिया राज और गुंडा टैक्स से होती थी, लेकिन अब रोल ऑफ लॉ है।
योगी ने कहा कि अब न कर्फ्यू लगता है, न दंगे होते हैं—यही है नया उत्तर प्रदेश। और विपक्ष को तंज कसते हुए बोले कि 2047 तक इंतजार करना होगा।
🔥 तीसरा बयान: बांग्लादेश हिंसा और सीधी चेतावनी
बांग्लादेश में हिंदुओं और दलितों पर हो रहे अत्याचार को लेकर सीएम योगी ने सबसे तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष गाजा पर तो बोलता है, लेकिन बांग्लादेश और पाकिस्तान में मारे जा रहे हिंदुओं पर चुप रहता है।
योगी ने साफ कहा कि यह तुष्टीकरण की राजनीति है। उन्होंने बांग्लादेश सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि निर्दोष हिंदुओं और सिखों पर अत्याचार किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है।
साथ ही रोहिंग्या और अवैध बांग्लादेशियों को लेकर उन्होंने कहा कि अब सख्त स्क्रीनिंग होगी और उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा—और जब ऐसा होगा, तब उनके समर्थन में खड़े न हों।
📌 निष्कर्ष
यूपी विधानसभा का यह दिन सिर्फ बहस का नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेशों का दिन था। सीएम योगी ने साफ कर दिया कि उनकी सरकार कानून, सुरक्षा और सख्ती के मुद्दे पर किसी समझौते के मूड में नहीं है।
माफिया से लेकर दंगाइयों तक और पड़ोसी मुल्कों तक—योगी का संदेश सीधा और साफ था। यही वजह है कि आज की यह स्पीच सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक ज़ोरदार चर्चा में है।