चोमू में सांप्रदायिक तनाव के बाद रात में भारी पुलिस बल तैनात
राजस्थान की राजधानी जयपुर से सटे चोमू कस्बे में 25 दिसंबर की रात हालात अचानक ऐसे बदले कि पूरा इलाका रणक्षेत्र बन गया। मस्जिद के पास पड़े पत्थरों को हटाने का काम चल रहा था, जिसे दिन में सहमति के साथ पूरा भी कर लिया गया था। लेकिन रात ढलते-ढलते वही जगह सांप्रदायिक तनाव की वजह बन गई।
दिन में सहमति, रात में साजिश का आरोप
जानकारी के मुताबिक यह विवाद कोई नया नहीं, बल्कि करीब चार दशक पुराना है। 25 दिसंबर को तय हुआ कि मस्जिद के बाहर लंबे समय से पड़े बड़े पत्थरों को हटाया जाएगा। मस्जिद से जुड़े कुछ वरिष्ठ लोग भी इसके लिए तैयार हो गए। दिन में पत्थर हटाए गए और जगह खाली कर दी गई।
लेकिन कहानी ने मोड़ तब लिया जब रात करीब 2 बजे उसी स्थान पर कुछ लोगों ने लोहे के ढांचे और रेलिंग रख दिए। यही कदम विवाद की चिंगारी बन गया। देखते ही देखते अफवाहें फैलीं, लोग जमा हुए और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
पत्थर चले, जवाब में लाठी और आंसू गैस
तनाव इतना बढ़ा कि बात पथराव तक पहुंच गई। भीड़ की ओर से पुलिस पर पत्थर फेंके गए। हालात काबू से बाहर होते देख पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और फिर आंसू गैस के गोले दागे गए। इस झड़प में कई पुलिसकर्मी घायल हुए।
स्थिति को संभालने के लिए चोमू के अलावा हरमाड़ा, विश्वकर्मा और दौलतपुरा थानों से अतिरिक्त फोर्स बुलाई गई। दंगा नियंत्रण वाहन भी तैनात किए गए और पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया।
कोर्ट का आदेश और अवहेलना का आरोप
इस मामले में बीजेपी के पूर्व विधायक रामलाल शर्मा का बयान भी सामने आया है। उन्होंने साफ कहा कि अदालत इस स्थान को अतिक्रमण मान चुकी है। यह न तो कोई धार्मिक स्थल है और न ही आस्था का केंद्र।
उनका आरोप है कि यथास्थिति के आदेश के बावजूद वहां ढांचे, त्रिपाल और टंकियां रखी गईं, जो सीधे तौर पर कोर्ट के आदेश की अवहेलना है। मामला फिलहाल हाईकोर्ट में विचाराधीन है और अगली सुनवाई 30 जनवरी 2026 को तय है।
प्रशासन अलर्ट, इंटरनेट पर ब्रेक
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन बड़ा कदम उठाया। चोमू क्षेत्र में
- 26 दिसंबर सुबह 7 बजे से 27 दिसंबर सुबह 7 बजे तक
- 2G, 3G, 4G, 5G डेटा
- WhatsApp, Facebook, X जैसी सोशल मीडिया सेवाएं
अस्थायी रूप से बंद कर दी गईं। केवल वॉइस कॉल और ब्रॉडबैंड सेवाएं चालू रखी गईं ताकि अफवाहों पर लगाम लगाई जा सके।
फिलहाल शांति, लेकिन सख्त निगरानी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक हालात अब नियंत्रण में हैं, लेकिन संवेदनशीलता को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात है। पथराव में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है। प्रशासन ने साफ कहा है कि कानून हाथ में लेने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
👉 निष्कर्ष:
चोमू की यह घटना सिर्फ एक स्थानीय विवाद नहीं, बल्कि यह दिखाती है कि कैसे पुराने मामलों को गलत समय और गलत तरीके से छेड़ने पर हालात विस्फोटक हो सकते हैं। प्रशासन की अग्निपरीक्षा अभी बाकी है, क्योंकि शांति बनाए रखना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है कानून का सम्मान।
अगर इस मामले में कोई नया अपडेट सामने आता है, तो हम आपको सबसे पहले जानकारी देंगे।