मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)
उत्तर प्रदेश में डबल एक्शन: ऑपरेशन टॉर्च और ऑपरेशन क्लीन से अपराधियों में खौफ
उत्तर प्रदेश इस वक्त कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर फुल एक्शन मोड में दिखाई दे रहा है। एक तरफ अवैध घुसपैठियों के खिलाफ ऑपरेशन टॉर्च के तहत सख्त अभियान चलाया जा रहा है, तो दूसरी ओर अपराधियों के खात्मे के लिए ऑपरेशन क्लीन पूरी रफ्तार में है।
योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पुलिस और STF लगातार ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है।
प्रदेशभर में झुग्गी-झोपड़ियों, किराए के मकानों और संदिग्ध इलाकों में वेरिफिकेशन ड्राइव चल रही है। बाहर से आकर बसे लोगों के कागजात खंगाले जा रहे हैं और अवैध रूप से रह रहे घुसपैठियों पर शिकंजा कसा जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ, अपराध की दुनिया में सक्रिय बदमाशों के लिए उत्तर प्रदेश की जमीन अब सुरक्षित नहीं रह गई है।
पिछले करीब आठ वर्षों में लगभग 15,000 पुलिस एनकाउंटर इस बात का संकेत हैं कि यूपी में अपराध के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। हालात ऐसे बन चुके हैं कि अपराधी वारदात के बाद छिपने की जगह नहीं, बल्कि जान बचाने का रास्ता ढूंढते नज़र आते हैं।
सहारनपुर: STF की बड़ी कामयाबी
20 और 21 दिसंबर की दरमियानी रात
सहारनपुर जिले के गंगोह थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स और बदमाशों के बीच देर रात भीषण मुठभेड़ हुई। इस एनकाउंटर में सुल्तानपुर निवासी ₹1 लाख का इनामी शूटर सिराज अहमद मारा गया।
STF को खुफिया सूचना मिली थी कि सिराज अहमद पंजाब–हरियाणा बॉर्डर से सहारनपुर पहुंच चुका है और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना मिलते ही STF ने इलाके की घेराबंदी की। खुद को घिरा देख सिराज ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह गंभीर रूप से घायल हुआ और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार सिराज अहमद मुख्तार अंसारी गैंग से जुड़ा हुआ था और मुन्ना बजरंगी का करीबी सहयोगी माना जाता था। उस पर हत्या, हत्या के प्रयास और गैंगस्टर एक्ट समेत 30 से अधिक गंभीर मुकदमे दर्ज थे। मुठभेड़ स्थल से STF ने दो पिस्तौल (30 और 32 बोर), भारी मात्रा में कारतूस, एक मोटरसाइकिल, चार मोबाइल फोन और दो वाई-फाई डोंगल बरामद किए।
बुलंदशहर: इनामी बदमाश का अंत
दूसरी बड़ी कार्रवाई
बुलंदशहर में देखने को मिली, जहां कोतवाली देहात और गुलावटी पुलिस की संयुक्त टीम ने आजाद उर्फ जुबैर उर्फ पीटर को मुठभेड़ में ढेर कर दिया।
पुलिस चेकिंग के दौरान बदमाश ने भागने की कोशिश की और पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर दी, जिसमें एक पुलिसकर्मी घायल हुआ। जवाबी कार्रवाई में बदमाश को गोली लगी और जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मेरठ के लिसाड़ी गेट का रहने वाला जुबैर उर्फ पीटर एक कुख्यात अपराधी था। उसके खिलाफ मेरठ, हापुड़, बिजनौर, गाजियाबाद, दिल्ली, हल्द्वानी, बुलंदशहर और जौनपुर सहित कई जिलों में 47 से ज्यादा मुकदमे दर्ज थे। इन मामलों में लूट, डकैती, चोरी और गैंगस्टर एक्ट जैसे संगीन अपराध शामिल हैं। हाल ही में उस पर मोबाइल, नकदी और 18 बकरों की चोरी का भी आरोप था।
मौके से पुलिस ने बिना नंबर की HF डीलक्स बाइक, 315 बोर का तमंचा, खोखे और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस की तीन टीमें उसके फरार साथी की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं।
साफ संदेश: अपराधियों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं
इन दोनों एनकाउंटर ने साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में अपराध और अवैध गतिविधियों के लिए अब कोई जगह नहीं बची है। UP पुलिस और STF का कहना है कि ऑपरेशन क्लीन आगे भी इसी सख्ती और तेजी के साथ जारी रहेगा।
राज्य सरकार का स्पष्ट संदेश है—
जो कानून से खेलेगा, उस पर कानून पूरी ताकत से वार करेगा।
उत्तर प्रदेश में अब अपराधियों के लिए न राहत है, न सुरक्षित पनाह।
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